Tera Naam

ख़ामोश रातें थी... इश्क़ की बातें थी.. बीती थी जो तेरे संघ.... वो खूबसूरत रातों की हसीन यादें थी।

खामोशी से रह... खामोशी से जिया... इश्क़ सच्चा था.. इसलिए तो किया..

भूल ना पाया.. जितना हैं भुलाया... याद उतना ही... तेरा चेहरा याद आया...

राहे में अपनी... कितनी बदलू मैं... हर राह पर तेरी यादों का साया है...

याद आया है... साथ लाया है... भाग रहा था जिससे... वो इश्क़ साथ लाया है... याद आया है ... तेरा नाम फिर याद आया है..

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